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क्या आज 15 अगस्त है ?

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आप को  बड़ा अजीब -सा  लग रहा होगा यह सवाल / क्योंकि एक भारतीय से इतनी आशा तो होती ही है कि उसे अपने देश का राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस तो याद ही रहेगा! मगर यह सच है -मुझे  याद ही नहीं  कि आज १५ अगस्त है-मेरे देश का स्वतंत्रता दिवस आज है.मुझे तो यह महज़ एक छुट्टी का दिन ही प्रतीत होता है.और शायद इस से ज्यादा मेरे लिए इस का महत्त्व  हो ही नहीं  सकता,क्योंकि न तो मैं एक नेता हूँ ,जो बड़े-बड़े झलसों में भाषण देते हैं.वो  जो आज तक नहीं कर पाए उस की बात करते हैं.सत्ता पक्ष तो विपक्ष की बुराई अगर विपक्ष तो सत्ता पक्ष की बुराई.जब कि दोनों की महानता में चूने  की तथा यूरिया की समानता है जो पानी में मिलाने पर दूध से दिखते ज़रूर है मगर होते दोनों ही जहरीलें  हैं . दोनों पक्षों के नेताओं को अगर नंगा करेंगे तो नेकर भी सा( *)लों ने तिरंगे का बना रखा होगा.इतना चूस चुके हैं वे इस देश ka -खुद लाल हो गए हैं और आम जन-मानस पीलिया से ग्रस्त  .अभी तक खुद की मक्कारी की आदत बदल नहीं पाए लेकिन देश की तश्वीर बदलने की बात करतें हैं.हाँ ! मैं यह भी जनता हूँ की वो तश्वीर तो बदलने की बात करतें है…

हम भारत के सैनिक हैं- वायु सैनिक

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वायु -सैनिक नाम अपना , राष्ट्र -रक्षा धर्म अपना .
वायु में जब भी उड़े हैं- नभ की छाती चीर दी है - बच के रहना दुश्मनों ! तुम, अपनी नज़रें तीर -सी हैं.
यान का ध्वनि-नाद सुन कर , गूँज उठती हैं दिशाएँ , थर-थरातीं  हैं जमीं- नाच उठातीं हैं कलाएँ











शांति के युग दूत हम हैं ,
युद्ध में यम दूत हम हैं.
जोश का शैलाव  हम हैं मत छुओ एक आग हम हैं.


है कसम माँ  भारती की,
युद्ध से डरते नहीं हम.
जो भी हम को छेड़ता है-
छोड़ते उस को नहीं हम.


है हमारा एक सपना  ,
देश हो सर्वग्र अपना .
वायु सैनिक नाम अपना,
राष्ट्र रक्षा धर्म अपना.



स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभ-कामनाएँ -
 एक हिन्दुस्तानी को-एक हिन्दुस्तानी की ओर से

आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?

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आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे? आज ह्रदय के रंग तुम्हें दिखलाऊं  कैसे ?
भ्रमर पूंछते हैं मुझ से गाते हो क्यों कर? क्या कोई मिला है ,आज तुम्हें पुष्पों से सुन्दर ? मैं वह सुंदर पुष्प तुम्हें दिखलाऊं कैसे? आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?
हवा पूंछती है मुझसे रुक-रुक चल कर- कौन गंध आनंद ले रहे तुम छुप -छुपकर? प्रेम गंध का मैं वर्णन कर पाऊं कैसे? आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?
आज पुष्प उपवन के मुझ से हँस-हँस पूंछे , क्यों ये कंधे उठे हुए है-इतने ऊंचे? मैं इन प्रश्नों के उत्तर ,दे पाऊं कैसे? आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?
जय शंकर की श्रृद्धा मुझ से पूंछे चिढ़कर , क्या कोई मिली  है, हे कवि! तुम को मुझ से सुंदर? मैं उस रचना पर रचना कर पाऊं कैसे? आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?
आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे? आज ह्रदय के रंग तुम्हें दिखलाऊं  कैसे ?



आज मेरी शादी है

सुनो   हमारी  बात  ,ध्यान  से  मेरे  साथी!

मैं दुल्हा , वो  दुल्हन  होगी ,


और  बनोगे  तुम बाराती ..


नाच -नाच कर  धूम  मचाना ,


धूम मचा  कर ,रंग  ज़माना ,


आशा  है  की  तुम  आओगे ,

गीत  ख़ुशी  के  तुम गाओगे ,


मैं  खुस  हूँ  ,क्या  तुम्हें  बताऊँ ,


मुझे  मिला  है एसा   साथी ,


वह  मेरा  ख्वाबों  का  साथी,


प्यारा  मेरा जीवन -साथी.