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आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?

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आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे? आज ह्रदय के रंग तुम्हें दिखलाऊं  कैसे ?
भ्रमर पूंछते हैं मुझ से गाते हो क्यों कर? क्या कोई मिला है ,आज तुम्हें पुष्पों से सुन्दर ? मैं वह सुंदर पुष्प तुम्हें दिखलाऊं कैसे? आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?
हवा पूंछती है मुझसे रुक-रुक चल कर- कौन गंध आनंद ले रहे तुम छुप -छुपकर? प्रेम गंध का मैं वर्णन कर पाऊं कैसे? आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?
आज पुष्प उपवन के मुझ से हँस-हँस पूंछे , क्यों ये कंधे उठे हुए है-इतने ऊंचे? मैं इन प्रश्नों के उत्तर ,दे पाऊं कैसे? आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?
जय शंकर की श्रृद्धा मुझ से पूंछे चिढ़कर , क्या कोई मिली  है, हे कवि! तुम को मुझ से सुंदर? मैं उस रचना पर रचना कर पाऊं कैसे? आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे?
आज ख़ुशी के गीत भला में गाऊं कैसे? आज ह्रदय के रंग तुम्हें दिखलाऊं  कैसे ?